NFC क्या है और यह कैसे काम करता है

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अगर आप एक Smart Phone इस्तेमाल करते हैं तोह आप जब settings पर जाते होंगे वहां पर एक NFC का option होता है देखे होंगे। आखिर यह NFC क्या है (What is NFC in Hindi) ,क्या यह Phone के performance को enhance करने केलिए होता है या फिर इसका कुछ और function होता है ,आज हम इस लेख के इसके ऊपर बिस्तर से बात करने वाले हैं।

आप ने shopping करते समय देखे होंगे की कुछ लोग अपने card के ज़रिये wireless payment भी करते हैं ,यहाँ तक की अपने phone को भी card के जैसे इस्तेमाल करते हैं यह सब मुमकिन हो पाटा है NFC के वजह से। NFC एक technology है जिसके ज़रिये हम किसी भी compatible device के साथ किसी भी प्रकार का Data exchange कर सकते हैं।

पहले इस technology का लाभ सिर्फ कुछ costly Phone इस्तेमाल करने वाले ही उठा पाते थे फिर इसके importance को समझने के बाद इसे लगभग हर mid-range के mobile में भी available किया जाने लगा। यह एक ऐसा technology है जिसके बारेमे सब ने सुना तोह है पर यह असल में होता क्या है और कैसे काम करता है के बारेमे ठीक से नहीं जानते ,तोह चलिए आज हम यह NFC क्या है और यह कैसे काम करता है इस लेख के माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं।

NFC क्या है (What is NFC in Hindi)

NFC का full form होता है Near filed Communication ,मतलब पास में महजूद Devices के साथ connection बनाकर data exchange करना।

यह सिर्फ उन्ही लोग इस्तेमाल कर सकते हैं जिनके पास एक NFC enabled Smart Phone हो और वह जिसे data send करना चाहते हैं उनके पास भी एक ऐसा device हो। जैसे की नाम में से पता चलता है near filed devices के साथ ही यह अपना संपर्क बना सकता है ,जिसकी range लगभग 4 से 5 cm तक होती है।

NFC एक ऐसा wireless technology है जो Radio frequency का इस्तेमाल करके अपने पास में स्थित किसी और NFC frequency को ढूंढता है और उसके साथ संपर्क बनाकर इसे अंजाम देता है। इसकी ख़ास बात यह है की receiver को कोई Power supply की ज़रूरत नहीं पड़ती , यहाँ पर radio frequency ही power का काम करती है। यह किसी Wifi की तरह उतना fast तोह नहीं पर फिर भी इसकी speed range 112 kbps से 424 kbps तक की हो सकती है।

Data exchange जैसे की Files sharing , Mobile Payment ,card payment , Phone cloning यह सब इसके मदद से मुमकिन हो पता है। इसे ज्यादा तर लोग Payment केलिए इस्तेमाल करते हैं जो की payment card में एक chip के जरित्ये होता है , और इस तरह के Card को RFID card कहा जाता है।

NFC कैसे काम करता है 

जैसे की ऊपर हमने पढ़ा यह सिर्फ किसी पास के दूसरे device के साथ data exchange क्र सकता है जिसमे NFC enabled होता है। पर यह होता कैसे है Frequency को दूसरा device कैसे catch करता है ,कैसे यह data send करता है, चलिए इसे जानते हैं।

पहले क्या होता था बड़े बड़े shipping companies मैं data transmit करने केलिए एक technology का इस्तेमाल किया जा रहा था जिसका नाम था RFID ( Radio Frequency identification) ,यह बहोत आसानी से electromagnetic induction के मदद से data को दूसरे device में भेजने में साक्ष्यं था। इसी technology को धीरे धीरे दूसरे devices पर भी आज़माने जाने लगा और आगे चलके यह NFC नाम से जाना गया।

Connection बनाने केलिए इसमें ना कोई power supply की ज़रूरत पड़ती है और ना ही किसी wires क। जब भी sender device किसी receiver device के पास जाता है automatic दोनोके बीच संपर्क बनता है ,फिर इसमें हर तरह का data transmission हो पाता है।

NFC का इस्तेमाल Phones में files sharing केलिए किया जाता है। ज्यादातर Phones में front speaker के पास एक dot जैसा sensor रहता है ,दरहसल वह NFC होता है ,यह तब काम करता है जब किसी दूसरे device को phone के पास लाया जाता है। फिर दोनों में किसी भी प्रकार का data sharing मुमकिन हो पाता है।

Payment केलिए भी आजकल NFC का इस्तेमाल हो रहा है। Bank के जरिये सबको आजकल जो card दिया जा रहा है उस सब में एक NFC tag का इस्तेमाल हो रहा है जब भी इसे किसी payment device के पास लाया जाता है वह card का information को read करता है और payment को complete करता है।

Modes of Operation

सभी NFC device का काम करनेका तरीका को 3 modes में बांटा गया है।

Peer-to-peer Mode – इस mode में दो NFC devices में एक two-way connection बनता है जिसमे की दोनों ही end point के जैसे काम करते हैं। दोनों device एक दूजे को data send और receive कर सकता हैं।

Read /write mode – किसी NFC tag को read करने केलिए इस mode में एक NFC डिवाइस काम करता है। इसे सिर्फ Read करनेका permission होता है उसमे कोई modification या data write करने केलिए NFC write tag application का इस्तेमाल होता है।

Card emulation mode – आपने कभी samsung pay का नाम सुना है ,इसमें आपका Phone एक virtual payment card की तरह work करता है ,इसे Smart card भी कहा जाता है। Card emulation mode में एक NFC enabled device smart card में परिबर्तित हो जाता है।

NFC के प्रकार (Types of NFC in Hindi)

इसके काम करने के तरीके को देखते हुए इको 2 प्रकार में बांटा गया है।

  • Active Devices
  • passive devices

Active devices – Android phone में हम जिस NFC का इस्तेमाल करते हैं वह Active NFC होता है। इसमें दो device के बीच दोनों काम मतलब data sending और data receiving होता है। दो device mutually इसमें भागीदार जाते हैं जिनके बीच ज्यादातर Contact sharing , files sharing और payment information sharing जैसे operation होते हैं। 

Passive devices – इसमें सिर्फ data send करनेका facility महजूद होता है ,जिसके ज़रिये आप सिर्फ दूसरे device तक data भेज सकता हैं receive नहीं कर सकते। इसकी ख़ास बात यह है की यह करने में किसी power supply की ज़रूरत नहीं पड़ती।

Payment cards , identity cards , travel cards यह सब को passive NFC device में गिना जा सकता है। 

Bluetooth क्या है ?

Advantages of NFC

चलिए अब जानते हैं की NFC से हमे क्या क्या लाभ मिलता है।

  • Instant Payments – NFC के मदद से instant payment मुमकिन हो पाटा है। card में लगे हुए NFC tag के मदद से सिर्फ reader के pass card को लेनेसे ही यह मुमकिन हो पाता है। 
  • Versatility – इसकी ख़ास बात यह है की यह बहोत परिस्थिति में आपके मददगार हो सकता है। इसे आप banking ,traveling ,ticketing ,redeeming में इस्तेमाल कर सकते हैं। 
  • Advance encryption – यह दूसरे किसी magnetic stripe based card के तुलना में better encryption देता है जिससे की details सुरक्षित रहता है। 
  • इसमें कोई searching और pairing की ज़रूरत नहीं पड़ती Bluetooth और WiFi की तरह , यह automatic ही किसी device के पास लेने से ही connection बनाता है।
  • इसमें ना कोई settings की ज़रूरत होती है और ना कोई software की।

Disadvantages of NFC

Advantage की बात हो गयी और इसमें कोई खोट ना हो यह तोह हो ही नहीं सकता तोह चलिए ऊपर भी थोड़ा नज़र डाल ते हैं।

  • Expensive – बड़े बड़े companies और enterprises में install करने में यह थोड़ा ज्यादा expensive हो जाता है। 
  • Security risk – यह तोह हमे पता है की इसमें better encryption होता है पर इसके बाद भी इसे safe नहीं कह सकते क्यूंकि यह बहोत आसानी से hack हो सकता है। 
  • इसकी range बहोत काम होती है। About 4-5 cm
  • WiFi और Bluetooth के मुअकबले बहोत धीरे data transmission हो पाता है जो की ज्यादा से ज्यादा 424 kbps तक का होता है।

NFC tag में क्या खतरा रहता है 

NFC tag का इस्तेमाल Credit card और debit card में किया जाता है। हाँ मानते हैं की NFC के मदद से instant payment मुमकिन हो पाता है पर यह safe नहीं होता कभी भी इसे hack किया जा सकता है। Hack तोह बड़ी बात है आजकल आपके pocket के अंदर से भी आपका card से पैसे चोरी होनेका खतरा रहता है।

अब इस से बचने केलिए क्या करें ?

  • Radio frequency Block करने वाले wallet का इस्तेमाल करें।
  • Card को aluminium foil के अंदर रखे ताकि frequency block हो सके और कोई इसका गलत फायदा ना उठा पाए।
  • NFC enabled card का इस्तेमाल को थोड़ा कम करें।

CONCLUSION

आशा करता हूँ की आपको मेरा यह लेख NFC क्या है (What is NFC in Hindi)और यह कैसे काम करता है पढ़कर इसके बारेमे पूरी जानकारी मिल पाया हो। यह पढ़ने के बाद अगर आपके मैं में कुछ सवाल हो तोह आप comment box में बेझिझक पूछ सकते हैं।

और एक आखरी गुज़ारिश यह है की आप इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ जरूर शेयर करें ताकि वह भी अगर NFC का इस्तेमाल करते हैं तोह उनको भी NFC क्या है के बारेमे पूरी जानकारी मिल सके।

 

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Kiran
Kiran
3 months ago

👍👍👍👍