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Software क्या है और इसके कितने प्रकार होते हैं

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नमस्कार दोस्तों, इस पेज पर आज हम Software की जानकारी पढ़ने वाले हैं यदि आप सॉफ्टवेयर की समस्त जानकारी जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े।

पिछले पेज पर हमने Computer की जानकारी शेयर की थी तो उस आर्टिकल को भी पढ़े। चलिए आज हम Software की जानकारी को पढ़ते और समझते हैं।

Software किसे कहते हैं

सॉफ्टवेयर एक Program Codes का समूह है जिसे किसी Specific काम को करने के लिए बनाया जाता है। सॉफ्टवेयर ही एक कंप्यूटर जो इतना Advanced बनाता है, क्यूंकि इसकी वजह से ही Computer इतना आगे बढ़ पाया है।

जैसे की हमने पहले बताया सॉफ्टवेयर कंप्यूटर का Life Source है इसके बिना जितने भी Hardwares होते हैं सब नाकाम हैं। अगर हमारे शरीर में Brain, Nerves ना हो सिर्फ हाथ, पैर हो तो क्या यह काम करने लायक रहेंगे, नहीं न

ठीक वैसे ही Software के बिना कुछ काम होना नामुमकिन सा हो जाता है।

Computer को on करने से लेकर off करने तक हर एक पीढ़ी पर Software का इस्तेमाल होता है इसको हम इसका System Software कहते हैं। इसके अंदर जितने Operations होते हैं।

जैसे की Word File बनाना, Image Edit करना, Excel Sheet बनाना यह सब जिस Software से होते हैं इन्हे हम Application Software कहते हैं।

सॉफ्टवेयर एक Set of Instructions है जिसे ना हम देख सकते हैं और ना ही छू सकते हैं बस इसका उपयोग कर सकते हैं इसीलिए हम इसे एक Software कहते हैं।

Software को समझने के लिए हमें इसके बारे में पूरी बात जानना बहुत जरूरी होता है। तो क्यों न अब इसके कितने प्रकार होते हैं इसके बारे में जाना जाये।

सॉफ्टवेयर के प्रकार

जैसे की हम हर एक चीज को उसके काम करने के ढंग से सजा कर अलग अलग रखते हैं। उसी तरह सॉफ्टवेयर को उसके काम करने के ढंग को देखकर कुछ प्रकार में Divide किया गया है।

सॉफ्टवेयर के 3 प्रकार होते हैं।

  1. System Software
  2. Application Software
  3. Utility Software

चलिए सब को एक-एक करके अच्छे से समझने की कोशिश करते हैं।

1. System Software क्या है

Computer को ON करने से लेकर off करने तक जितने भी Operations होते हैं वह सब System Software की वजह से Possible हो पाता है। एक System Software वह है जो की Computer के Hardware को Instruction देता है की कौन सा काम कैसे करना है और यह दूसरे सॉफ्टवेयर को चलाने में भी मदद करता है।

एक System Software को इस तरह बनाया गया होता है जिससे की वह दूसरे Application Softwares को Run कराने के लिए एक Platform दे सके। इससे यह साबित होता है की एक Application Software तब तक नहीं चल सकता जब तक System उसे Permission ना दे।

System Software के प्रकार

1. Operating System :- किसी भी Device को चलाने के लिए एक Operating System की जरूरत पड़ती है। हम बहुत अच्छे से Android, Windows और MacOS से परिचित हैं। इनके बिना Computer एक खाली डिब्बा लगेगा।

2. Game Engines :- एक Game Engine Software का काम यह तय करना होता है की Computer में एक Game कैसे चलेगा, इसका Interface कैसा रहेगा, यह User Friendly कैसे रहेगा। इसके अलावा यह कुछ हद तक Game Development में भी मदद करता है।

3. Search Engines :- कोई भी चीज क्यों ना हो हमे जल्दी जवाब चाहिए होता है तब हम क्या करते हैं? Google में जाकर पूछते है और हमें जवाब मिल जाता है। जहाँ हम जवाब के लिए कुछ Search करते हैं उसे हम एक Search Engine कहेंगे।

Ex:-  Google, Bing, DuckDuckGo

2. Application Software क्या है

ज्यादातर लोग इसे Apps के नाम से जानते हैं। जी हाँ जिन Apps को हम अपने Mobile पर हर दम चलाते रहते है उनको Application Software कहते हैं।

जैसे की एक System Software सिर्फ Computer के अंदर operations को सँभालने के लिए होता है वैसे ही एक application software सिर्फ एक user के काम करने के लिए बनाये हुए होते हैं इसलिए इन्हे हम एक end-user software भी कह सकते हैं।

इसके भी कुछ प्रकार होते है जिन्हें की हम आगे पढ़ने वाले हैं।

Application Software के प्रकार

1. Information Worker Software :- यह हमको मदद करता है किसी Informational Project को बनाने और Manage करने मैं कुछ Apps के ज़रिये। उदहारण के तौर पे MS WORD, Spreadsheet, MS Excel

2. Entertainment Software :- इस तरह के सॉफ्टवेयर कुछ मनोरंजन के ऊपर जैसे की Video Games, Sreensaver, Music Video जैसे कार्य को Computer में करने में मदद करता है।

3. Educational Software :- इनका उपयोग सिर्फ Educational Purpose के लिए होता है।

4. Simulation Software :- यह Simulate करते हैं किसी Physical या Abstaract System को Research या फिर किसी Entertainment Purpose के लिए।

5. Media Development Software :- Media Development सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किसी नई Media File बनाने मैं इस्तेमाल किये जाते हैं।

जैसे :- 3D Art, Vector Graphics, Games etc.

3. Utility Software क्या है

Computer और User की मदद करने वाले सॉफ्टवेयर के बारे मे हम बात कर लिए। इतने सॉफ्टवेयर मौजूद हो अगर Computer की Safety के लिए कोई ना हो यह हो नहीं हो सकता।

Computer Programs को Safe, Analyze, Optimize, Configure और Manage करने केलोए जो Softwares होते है उन्हें हम कहते हैं Utility Software। इसे हमे Operate करना नहीं पड़ता सिर्फ One-time Installation के बाद यह अपने आप ही Computer का Safety Process संभल लेता है।

Utility Software and their functions के प्रकार

1. Anti-Virus :- एक Anti-Virus कंप्यूटर का Bodyguard होता है। यह Malwares को Scan कर उसे Block करता है या फिर हमेशा के लिए निकाल देता है।

2. Debuggers :- अगर कंप्यूटर के Memory और Programs के अंदर कुछ Modifications किये जा रहे हो तो, इसका काम होता है उसे analyse‍ करके Permission देना।

3. Network Utilities :- कंप्यूटर के Network Connectivity को Analyze करके उसे Fix करता है।

4. Package Manager :- कंप्यूटर के Network Connectivity को analyse‍ करके उसे Fix करता है।

5. File Manager :- एक File Manager काम होता है कंप्यूटर के अंदर भी Data होते हैं सबको Arrange करके रखना ताकि जब User चाहे सबको आसानी से Access कर सके और इसका Modification जैसे की File Copy Paste, Save Delete, Rename वगेरा।

6. HTML Checker :- Computer के अंदर जितने भी New Codes डाले जाते हैं यह उनको Check करता है और सब सही रहा तोह Permit Access करता है।

7. Install Utility :- एक Installer का सिर्फ एक ही काम होता है किसी भी नई Software का Root Memory में Install करना।

सॉफ्टवेयर से हमें क्या लाभ होता है

एक Computer सॉफ्टवेयर हमारे लिए जो सब कर सकता है शायद ही कोई यह कर पायेगा। Digital दुनिया में एक सॉफ्टवेयर का ना होना मतलब पत्थर तोड़ना। सॉफ्टवेयर हमारे सारे काम को आसान बना देता है।

  • Speed and Accuracy
  • Security
  • Time Saving
  • Scalability and Integration
  • Easy to use

सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं

एक Computer सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए Coding की जरूरत पढ़ती है। अगर आपको एक सॉफ्टवेयर बनाना है तो Programming Language की अच्छी Knowledge होनी चाहिए नहीं तो आप इसे बना नहीं सकते।

सॉफ्टवेयर बनाने के लिए जिस लैंग्वेज की जरूरत पड़ती है वह – C, C++, Java, Python, .Net, PhP, etc. हैं।

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उम्मीद हैं आपको सॉफ्टवेयर की जानकारी पसंद आयी होगी। यदि आपको यह जानकारी पसंद आयी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद।

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