Internet क्या है और यह कैसे चलता है – what is internet in Hindi

internet kya hai kaise chalta hai

Internet kya hai – सबसे आप सबको factshop पर स्वागत है। आजकल जिधर भी देखो हरतरफ टेक्नोलॉजी से भरा हुआ है। आप तोह जानते होंगे की यह सब इंटरनेट से चलता है। पर क्या आप ने यह सोचा है की Internet क्या है ? यह चलता कैसे है?इसका असली मालिक कौन है इंटनेट का जन्म कहाँ हुआ है। कोई बात नहीं मैं आज हॉकी सरे सवालों का जवाब देने की कोशिस करूँगा ताकि आप को पूरी जानकारी मिल जाये।

आप सभी अगर यह पढ़ रहे हैं तोह आप यह जानने के लिए ही ए हिन्ज की इंटरनेट क्या है। आप अभी सोचिये की आप उसी इंटरनेट का इस्तेमाल करके इधर आये है।

 

Internet क्या है

 

Internet क्या है ? (what is internet)

 

इंटरनेट एक आपस मैं उलझे हुए जाल की तरह है (Interconncted webs) जो की एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर तक जानकारी पहंचता है इनमे IMG,VDO,डाटा यह सब शामिल होता है।

अब सवाल यर्ह आता है की इंटरनेट कैसे चलता है। इंटरनेट इंटरनेट प्रोटोकॉल (IP ) का इस्तेमाल करके एक नेटवर्क से दूसरे तक पहंचता है।

Internet protocol एक जरिया होता है जिसके सहारे डाटा को शेयर किया जाता है। सब कंप्यूटर का अलग अलग IP होता है जिसे हम IP address कहते है।

 

INTERNET का इतिहास (History of internet)

 

Internet को ठीक से समझने केलए इसका इतिहास जानना बहोत जरुरु है क्यूंकि इसे हमें यह पता चलेगा की कौनसी चीज कहाँ से आया कैसे आया।

INTERNET का जन्म 

 

इंटरनेट की सुरवात USA के एक MILITARY RESEARCH सेंटर मैं १९६० मैं हुआ था जिसका नाम ARPA (ADVANCED RESEARCH PROJECT AGENCY

सबसे पहले इसका निर्माण दो नेटवर्क केंद्र से हुआ था जो की UNIVERSITY OF California से SRI INTERNATIONAL, MENLO PARK को जोड़ता था। फिर इसका तीसरा केंद्र CULLER FRIED INTERACTIVE मैथमेटिक्स UNIVERSITY OF CALIFORNIA मं हुआ था फिर धीरे धीरे यह पुरे दुनिये मैं फैलने लगा।

 

INTERNET के जनक(Founder of internet)

 

INTERNET का कोई ब्यक्तिगत FOUNDER नहीं है।

यह रिसर्च सेंटर मैं किया हुआ एक रिसर्च था जो की ROBERT TAYLOR ने LAWRENCE ROBERTS के सहायता से किया गया था। यह समय के साथ मानबता का साथी बन गया आज के समय मैं। अगर पूछा जाये की इंटरनेट का जन्म कहाँ हुआ तोह इसका जैकब USA है।

 

INTERNET का बिकास(Revolution of internet)

 

  • ARPA NET ने 1963 मैं इसका एक ढांचा बनाया था
  • 1964 को RAND (research and development ) ने इसकी संकल्पना की थी
  • 1966 को Merit network बनाया गया जो की एक HIGH PERFORMANCE NETWORK है।
  • 1970 को NIC (network Infromation centre ) का निर्माण किया गया
  • 1972 को IANA (internet assigned numbers authority ) बनया गया जो की दुनिया की साडी कंप्यूटर को अलग अलग IP एड्रेस प्रदान करता है।
  • 1980 को ETHERNET का निर्माण हुआ था जो की WAN (wide area network) और LAN (local area network) मैं use किया जाता है।
  • 1983 को DNS का जन्म हुआ जो की DOMAIN NAME SERVER होता है।
  • 1988 मैं INTERNET PROTOCOL का पूरी तरह से निर्माण हुआ था।
  • 1989को WWW(world wide web ) का जन्म हुआ था जिससे की आप सब बहोत अच्छे से वाकिब होंगे।
  • 1995 को modern internet का जन्म हुआ
  • 1997 GOOGLE का निर्माण किया गया जो की एक garage मैं किया गया था और अब यह दुनिया का सबसे ज्यादा चलने वाला search engine है

 

भारत मैं इंटरनेट का इतिहास (History of internet in india)

 

सबसे पहले १९९५ को भारत मैं इंटरनेट की शुरुवात हुई थी VIDESH SANCHAR NIGAM LIMITED (VSNL) के द्वारा।
तबसे लेकर आज तक भारत का स्थान पुरे दुनिया मैं दूसरे नंबर पे आता है INTERNET ब्यबहार के दृस्टि से।

 

इंटरनेट के रूप (Types of internet)

 

बेतार (Wireless internet)

 

WIRELESS इंटरनेट का मतलब जो इंटरनेट बिना तारो के सहारे चलता है। यह दुसरो के तुलना मैं बहोत तेज़ होता है और इसका कभी की कहीं पे भी लाभ उठाया जा सकता है।

यह रेडियो frequency से चलती है जो की इसका speed को बढाती है।

WIRELESS इंटरनेट को हम WIFI के नाम से जानते हैं। इसका ुटेमल के लोए आपको एक MODEM की जरुरत होती है।

 

Mobile internet क्या है

 

मोबाइल इंटरनेट जो हम अधरं जीबन मैं USE कर रहे हैं किसी TELECOM SIM का उपयोग करके। इसका संचार बड़े बड़े NETWORK CENTER से होता है जो की हर जगह TOWER PILLAR के द्वारा किया जाता है ।

 

DIAL-UP क्या है ?

 

इस तरह का इंटरनेट बहोत ही साधारण पर टिकाऊ होता है जो की कभी ख़राब नहीं होता। यह बहोत सस्ता होने के कारन इसका speed भी उतना नहीं आता।

यह एक MODEM से बहोत सरे कंप्यूटर को connect करके analog signal को convert करके इंटरनेट क रूप मैं भेजता है।

 

DSL connection क्या है ?

 

DLS का पूरा नाम Digital subscriber line है।

यह एक wired connection है जो की एक WIRE के माध्यम से होता है जो की हर घरों मैं ऑफिसेस मैं पहले से ही लगाया हुआ होता है।
इसका स्पीड आपके router के ऊपर निर्भर करता है की आप किस COMPANY का use कर रहे हैं और उसका OFICE कितने दूर है।

 

SATELITE internet क्या है ?

 

यह सबसे सिक्योर और मेहेंगा INTERNET होता है।

पर इसका स्पीड बहोत कम होता है क्यों की इसको चालू होने केलिए signal को earth से सटेलिने तक भेजना पड़त है और इसे फिर से आने मैं समय लगता है जो की सिको बहोत slow बना देती है।

 

    > What is blogging ?

Internet कैसे चलता है ?

 

इंटरनेट जिस नियम से चलता है उसे हम PACKET-SWitCHING technology कहते hai। इसमें दता को छोटे छोटे PACKETS मैं CONVERT करके दूसरे के पास भेजा जाता है जहाँ उसे वही DATA पूरा फॉर्म मैं मिलता है। इसी प्रक्रिय संभव होता है TCP /IP के माध्यम से /

 

TCP /IP क्या है ?

 

इसका FULL form है transmission control protocol / internet protocol।

TCP का काम होता है large data को छोटे छोटे हिस्से मं भाग करना और दूसरे जगह भेजना।

और IP का काम होता है divided data सही address मं जा रही है या नहीं इसका ध्यान रखना। ईसीए हर कंप्यूटर और मोबाइल का एक अकाज IP address होता है जिससे की हम internet ठीक से चला पा रहे हैं।

TCP और IP दोनों को मिलकर हम communication लैंग्वेज of internet कहते हैं जिसके मदद से ही इंटरनेट एक Wolrdwide network बन पाया।

 

Internet एक जगह से दूसरे जगह कैसे जाता है ? (How internet works ?)

 

हम सब wires से घिरे हुए हैं ,इन्ही wires से internet क प्रबाह होता ह। दुनिया मैं कुछ बड़े बड़े INTERNET SERVER होते हैं जो की world के किसी पार्ट का network सँभालते हैं। भारत का server Singapore में है।

अब सवाल आता है की उतना दूर तोह wires नहीं हैं फिर इंटरनेट कैसे आता है।असल मैं यह भी wire से ही एक देश से दूर देश तक internet gateway se जाती है उसे हम OPTICAL FIBRE कहते हैं।

यह एक हमारे सर के बाल के बराबर GLASS FIBRES से बने हजारो wires से बने होते हैं। इसकी wires समंदर के अंदर से दूसरे देश मैं पहंचाया जाता है।

 

Internet का लाभ। (Pros of internet)

 

अगर इसे सही तरह से use किया जाये तोह आप इससे बहोत कुछ कर सकते हैं। इसका कुछ लाभ मैं बताने जा रहा हूँ ध्यान से पढ़ना आपके काम मैं आ सकती है।

  • सबसे जरुरी हम किसी सवाल का जवाब खोजने मैं इंटरनेट का लाभ उठाते हैं। इससे हमे आसानी होती है और ज्यादा म्हणत करने की जरुरत नहुँ पड़ती।
  • इससे social media ,education ,research मैं भी use किया जाता है
  • आप इसके मैडम से अपने घर को smart HOUSE भी बना सकते है। इसे हम IOT (internet of things ) कहते हैं।
  • इसे बड़े बड़े कम्पनीज की DATA शेयर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है
  • इसके मदद से किसीको भी कोई जानकारी भेज सकते हैं MESSAGE और EMAIL के मदद से।
  • आज कल के टाइम पे E -Commerce बहोत चल रही ,जिसके मदद से आप घर बैठे कुछ भी खरीद पा रहे हैं।
  • -इसके मदद से अब कोई भी JOB के बारे मैं भी जान पा रहे हैं जो की आज के समय मैं बहोत जरुरी माना जाता है

Internet से हानि (Cons of internet)

 

अगर इंटरनेट को ठीक से चलाया जाये तोह ठीक है अगर इसका गलत इस्तेमाल किया जाये तोह परिणाम बहोत गलत हो सकता है।

  • इंटरनेट की सबसे बड़ी हानि यह है की यह लत लगा देता है जो की बहोत लोगों पर बुरा प्रभाव डालता है।
  • इसका इस्तेमाल HACKING केलिए उसे होता है। यह एक crime होता है जिसे हम cyber crme कहते हैं
  • इंटरनेट का गलत फायदा उठाकर बड़ी बड़ी DATA ली चोरी भी होती है
  • इस सबसे बचने केलिए ANTI वायरस और password डाला जाता है कंप्यूटर पर

 

INTERNET KYA HAI  जानकर आपने क्या सीखा

 

मैं आशा करता हूँ की यह पढ़कर आप को Internet क्या है के बारे मैं सबकुछ पता चल गया होगा ,एक सलाह देना चाहूंगा की एक बात हमेशा याद रखना की कोई भी चीज़ को हम जिस तरह उसे करेंगे उसका परिणाम वैसा ही होता है। अच्छे का अच्छा और गलत का गलत । अगर Internet क्या है से जुडी अगर आपको कोई और जानकारी चाहिए तोह Factshop के contact page पर जाकर हमे संपर्क करें। 

धन्यबाद

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